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Tuesday, 2 August 2011

आचार्य बाल कॄष्ण ४जून के बाद भ्रष्ट


आचार्य बाल कॄष्ण के द्स्तावेजो को लेकर जो विवाद हो रहा है उससे साबित हो गया कि मुनियों के इस देश मैं
आज राजनीति सर्वोपरि है.जो भी अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठायेगा उसे दबाने के लिए सरकार के पास CBI तथा Police हैं:-
क्या उनके द्स्तावेज आजतक फर्जी नहीं थे
यदि थे तो वे संस्थाऐं जिनका काम केवल इस प्रकार के मामलों को उजागर करना है वे आचार्य के साथ मिलकर देश को धोखा क्यों देते रहे?
उन संस्थाओं के अधिकारियों पर जिन्होंने मामले को इतने समय तक उजागर नहीं किया सरकार उन पर क्या कार्यवाही करेगी?
या कही ऐसा तो नही कि आचार्य की तरह भविष्य मैं कोई राष्ट्र हित की आवाज़ न उठाए,ताकि हमारे नेता तथा अधिकारी भ्रष्टाचार का नंगा नाच ,नाच सके.........शेष...